हस्तकला या शिल्पकला
कला और शिल्प विद्यालय के पाठ्यक्रम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जो छात्रों में रचनात्मकता, अभिव्यक्ति और सूक्ष्म मोटर कौशल को बढ़ावा देते हैं। विद्यालय अक्सर कला और शिल्प में समर्पित कक्षाएँ या कार्यशालाएँ आयोजित करता है, जहाँ छात्र विभिन्न तकनीकों जैसे पेंटिंग, ड्राइंग, मूर्तिकला, ओरिगामी और अन्य कला रूपों को सीखते हैं। इसके अतिरिक्त, विद्यालय कला प्रतियोगिताएँ, प्रदर्शनियाँ और शिल्प मेला आयोजित करता है, ताकि छात्रों की प्रतिभाओं को प्रदर्शित किया जा सके और उनके कला क्षेत्र में विकास और आत्म- अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित किया जा सके।